ब्रज क्षेत्र में यमुना नदी के किनारे अनेक पवित्र घाट स्थित हैं। यहाँ सभी प्रमुख मथुरा और वृंदावन घाटों की सूची दी गई है।
भगवान श्रीकृष्ण ने कंस वध के बाद यहाँ विश्राम किया था। यह मथुरा का सबसे प्रमुख घाट है।
यहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के वस्त्र चुराने की लीला की थी।
यह स्थान उस लीला से जुड़ा है जहाँ श्रीकृष्ण ने अपने मुख में ब्रह्मांड दिखाया था।
वृंदावन का सबसे प्रसिद्ध और सुंदर घाट, जहाँ केसी राक्षस का वध हुआ।
यह घाट भक्तों की चिंताओं को दूर करने के लिए प्रसिद्ध माना जाता है।
यह वही स्थान है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग का दमन किया था।
यह घाट राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा हुआ पवित्र स्थान है।
यह घाट धार्मिक अनुष्ठानों और स्नान के लिए जाना जाता है।
यह घाट भगवान वराह से संबंधित धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है।
यह घाट वृंदावन के प्रमुख घाटों में से एक है।
सूर्य देव को समर्पित यह घाट धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
यह घाट भगवान श्रीकृष्ण के गोपाल स्वरूप से जुड़ा हुआ है।
यह घाट श्री गोविन्द देव मंदिर के पास स्थित है।
यह स्थान राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा हुआ माना जाता है।
यह घाट इमली के पेड़ों के कारण प्रसिद्ध है और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है।
यह घाट राधा-कृष्ण के युगल स्वरूप को समर्पित है।
यह घाट ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है।
यह घाट प्राचीन धार्मिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है।
यह घाट भगवान जगन्नाथ से संबंधित श्रद्धा का केंद्र है।
यह घाट राधा-कृष्ण के शृंगार और लीलाओं से जुड़ा हुआ स्थान है।